Asoka Pillar in Chin ( Fujian Province)
ईरान यह आधुनिक ईरानियों ने बसाया इसके अवशेष प्रमाण ईरानियों के पास नहीं है! बल्कि पूर्वी ईरान मुख्य रूप से बैक्ट्रिया से सबंधित था! (Bactria present-day Afghanistan) बुद्ध के पछ्यात यह क्षेत्र सम्राट अशोक के प्रबुद्ध भारत के सीमाओं के अधीन थी ! बुद्ध के बुद्धत्व प्राप्ति के सातवे सप्ताह में लघभग 1200 किलोमीटर के निर्जन पहाड़ियो को चीरकर बैक्ट्रिया (Bactria present-day Afghanistan) से दो व्यापारी तप्पसु और भल्लिक वर्त्तमान बौद्ध गया में बुद्ध को मिले थे! और बुद्ध ने उन्हें अपने आठ केषधातु दिए थे, इन दो व्यापारियो में दुनिया का प्राचीन शहर बल्ख में स्तूप का निर्माण किया था! और इसके ठोस प्रमाण आज भी बल्ख पुरातात्विक रिकॉर्ड में सुरक्षित है! इसी प्रकार अरब,खोतान, साइबेरिया, काशगर, कूचा, अफगानिस्ता, मध्यपूर्व और पश्चिम एशिया, फारस, फिलिस्तीन, इसराईल के हर चप्पे को छान कर देखा कि बुद्ध के हयात में इन क्षेत्रो में बुद्ध कि मानव जीवनमूल्यो को विकसति करने वाली शिक्षा का संचारण बौद्ध भिक्खुओं ने किया था यह मात्र भारत के ही नहीं थे बल्कि स्थानिक भी थे!
बुद्ध के हयात में महास्थविर पुन्ना सीरिया जाकर मध्यपूर्व और पश्चिम एशिया, फारस, फिलिस्तीन, इसराईल में बुध्द के शिक्षा को संचारित किया था और अभयारण्यों में चार बौद्ध विहारों की स्थापना की गयी थी। आज भी यहूदी हिब्रू शिक्षाविदी संप्रदाय ने महास्थविर भदन्त पुन्ना (Punna) के मूल्यवान बौध्द दस्तावेज़ों को अपने गुफा आवास में आधी सदी से जनता और अकादमिक दुनिया से दुर रखकर यहूदी हिब्रू विद्वानों ने अपने पास रखा है। यह भी जानता हूँ कि हमारे पास इन दस्ताएवजो को लाने के लिए संसाधनो का अभाव है! तभी इससे यह पता चलता है कि शाक्यमुनी बुद्ध के जीवन हयात में अरब के मरुभूमि में कभी बुद्ध के धम्म का सितार चमकता था!

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